इस्लामाबाद बम धमाके के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान छोड़ने का फैसला किया। 9 खिलाड़ियों ने सुरक्षा के डर से सीरीज बीच में छोड़ी।
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुए बम धमाके के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम के 8-9 खिलाड़ियों ने बीच सीरीज़ पाकिस्तान छोड़ने का फैसला किया है। जानिए क्यों श्रीलंकन प्लेयर्स अब ओडीआई सीरीज नहीं खेलना चाहते।
इस्लामाबाद बम धमाके के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम में मचा हड़कंप!
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुए ज़ोरदार बम धमाके का असर अब खेल जगत में भी दिखने लगा है। जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट टीम के करीब 8 से 9 खिलाड़ी अब पाकिस्तान के खिलाफ चल रही तीन मैचों की ओडीआई सीरीज़ से हट चुके हैं।इन खिलाड़ियों ने अपनी सिक्योरिटी और जान के खतरे को देखते हुए अपने देश वापस लौटने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि धमाके में करीब 12 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद श्रीलंका के क्रिकेटर्स ने साफ कहा कि अब वे पाकिस्तान में मैदान पर उतरने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
यह डर नया नहीं है — साल 2009 में भी श्रीलंका क्रिकेट टीम पर पाकिस्तान में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई खिलाड़ी बाल-बाल बचे थे। अब 16 साल बाद जब टीम फिर पाकिस्तान दौरे पर पहुंची, तो एक बार फिर धमाका हुआ और वही डर दोबारा लौट आया।
खबरों के अनुसार, इन 8-9 खिलाड़ियों में कुछ बड़े नाम और शायद कप्तान भी शामिल हैं। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सूचित कर दिया है कि वे इस सीरीज के बचे हुए दो मैचों का हिस्सा नहीं बनेंगे।
इस फैसले से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड, ब्रॉडकास्टर्स, और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) — सभी को बड़ा नुकसान हो सकता है। सीरीज अधूरी रह जाने से आर्थिक हानि भी होगी और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल उठेगा।
पाकिस्तान में आए दिन आतंकी हमले, बम धमाके और असुरक्षा की घटनाएं आम बात हैं। ऐसे माहौल में कोई भी विदेशी टीम वहां खेलने से पहले सौ बार सोचती है। श्रीलंकन खिलाड़ियों का यह फैसला पूरी तरह समझदारी भरा है — क्योंकि क्रिकेट से ज़्यादा ज़रूरी है ज़िंदगी।
आखिरकार, अगर खिलाड़ी की सुरक्षा ही खतरे में होगी, तो खेल का क्या मतलब? अब देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।
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