Team India इस समय साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में संघर्ष कर रही है। गुवाहाटी टेस्ट मैच के बीच सबसे बड़ा बयान आया है पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासिद अली की तरफ से। उन्होंने दावा किया है कि अगर भारत दूसरा टेस्ट मैच हारता है, तो हेड कोच गौतम गंभीर को उनके पद से हटा दिया जाएगा।
बासिद अली ने साफ कहा कि:
अगर गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया हारी, तो गौतम गंभीर का टेस्ट कोच के तौर पर अध्याय खत्म।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और भारत के टेस्ट रिकॉर्ड को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
गंभीर के टेस्ट रिकॉर्ड पर उठे सवाल
सच्चाई यह है कि वाइट बॉल क्रिकेट में गौतम गंभीर ने शानदार काम किया है।
ODI और T20 में टीम इंडिया के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। उनके कोचिंग में बड़ी-बड़ी जीतें आई हैं।
लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में उनकी रणनीति लगातार फेल रही है।
यहां देखें गंभीर का टेस्ट रिकॉर्ड कोच के तौर पर:
✔ घर में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज – जीत
✘ न्यूज़ीलैंड ने इंडिया में 3-0 से क्लीन स्वीप
✘ ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर–गावस्कर ट्रॉफी – हार
≈ इंग्लैंड दौरा – 2-2 ड्रॉ (इज्जत बची)
✔ वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 से जीत
✘ साउथ अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज – भारत पीछे
इन आंकड़ों से साफ दिखता है कि रेड बॉल क्रिकेट में गंभीर की रणनीति बार-बार असफल हुई है।
कई एक्सपर्ट्स ने पहले ही कहा है कि गंभीर वाइट बॉल क्रिकेट के मास्टर हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्लान उतना प्रभावी नहीं है।
पिच को लेकर भी उठ रहे हैं सवाल
भारत में पहले टेस्ट पिचें चौथे-पांचवें दिन टूटती थीं और स्पिनर्स को मदद मिलती थी।
लेकिन अब पिच पहले दिन से टूटने लगती है, जिससे मैच बहुत जल्दी खत्म हो रहा है।
कई लोगों का कहना है कि गंभीर चाहते हैं कि टीम इंडिया जल्द से जल्द WTC फाइनल में पहुंचे, इसलिए वह तेज़ विकेट तैयार करवाते हैं—but यह टेस्ट क्रिकेट की असली भावना के खिलाफ माना जा रहा है।
क्या गुवाहाटी टेस्ट है ‘करो या मरो’ मुकाबला?
बासिद अली का बयान इस पूरे विवाद को और बढ़ा देता है।
उनके मुताबिक:
> “अगर भारत यह टेस्ट हारता है, तो गंभीर का टेस्ट कोच के रूप में सफर खत्म।”
गुवाहाटी टेस्ट मैच अब सिर्फ एक मुकाबला नहीं रहा—यह गौतम गंभीर के भविष्य का फैसला करने वाला मैच बन गया है।
फैंस की राय – क्या गंभीर पर इतना दबाव सही है?
सोशल मीडिया पर दो राय बनी हुई हैं:
कुछ लोग कहते हैं कि गंभीर ने वाइट बॉल में शानदार किया है, इसलिए उन्हें समय देना चाहिए।
कुछ का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में लगातार खराब फैसले उनकी कमजोरी हैं।
अब चर्चा यही है—हारते ही गंभीर आउट?
आप क्या सोचते हैं?क्या बासिद अली की बात सच होगी?
क्या भारत हारते ही गंभीर को टेस्ट कोच पद से बाहर कर देगा?
कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं!
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