भारत–दक्षिण अफ्रीका दूसरे वनडे में मिली हार के कुछ ही देर बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में ऐसा विवाद हुआ जिसने पूरे BCCI को आधी रात जगने पर मजबूर कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम लौटे, रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के बीच तीखी बहस छिड़ गई। मामला इतना बढ़ गया कि उसकी झलक कैमरों में भी कैद हो गई। क्लिप रात 3 बजे BCCI के टॉप अधिकारियों तक पहुंची और बिना समय गंवाए एक आपातकालीन मीटिंग बुलाई गई।
BCCI Emergency Meeting में लिए गए कुछ बड़े फैसले
1️⃣ खिलाड़ी–कोच के बीच बढ़ती दूरी खत्म की जाएगी
ODI कप्तानी में बदलाव और 2027 विश्व कप प्लान को लेकर रोहित–गंभीर के बीच लंबे समय से खटास बताई जा रही थी। बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा — “अब से किसी भी तरह का टकराव बर्दाश्त नहीं होगा।”
2️⃣ टीम में ग्रुपबाज़ी पर सख्त रोक
भारतीय क्रिकेट का पुराना मुद्दा फिर सिर उठा रहा था। BCCI ने आदेश दिया कि टीम में कोई ग्रुप नहीं — सिर्फ “वन टीम इंडिया”।
3️⃣ कोच की मनमानी खत्म — कप्तान की मंजूरी ज़रूरी
गंभीर पर आरोप था कि वह प्लेइंग इलेवन अकेले तय करते हैं। बोर्ड ने तय किया कि किसी भी बड़े फैसले में कप्तान + उपकप्तान दोनों की मंजूरी अनिवार्य होगी।
4️⃣ रोहित–विराट की टेस्ट वापसी पर विचार
लगातार तीन टेस्ट सीरीज हारने के बाद टीम अनुभवहीन लग रही है। बोर्ड चाहता है कि अगर दोनों खिलाड़ी तैयार हों तो टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने का विकल्प खुला है।
5️⃣ ड्रेसिंग रूम में निगरानी बढ़ाई जाएगी
नकारात्मक माहौल खत्म करने के लिए बोर्ड ने सख्त मॉनिटरिंग लगाने का फैसला किया है। कोई भी विवाद टीम के प्रदर्शन को प्रभावित नहीं कर सकता।
Virat Kohli का गंभीर पर खुला विरोध?
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पहले वनडे में शतक लगाने के बाद विराट कोहली ने गंभीर को पूरी तरह इग्नोर किया। वायरल क्लिप में कोहली सीढ़ियां चढ़ते दिखे और गंभीर की तरफ देखते भी नहीं।
कहा जा रहा है यह सिर्फ "इग्नोर" नहीं था, बल्कि एक सीधा संदेश था।
विराट क्यों नाराज़ हैं?रिपोर्ट्स के अनुसार—गंभीर की लगातार मीडिया टिप्पणियां
कप्तानी हटवाने में कथित भूमिका T20 और टेस्ट छोड़ने का दबाव
परिवार पर टिप्पणी इन सबने विराट का धैर्य तोड़ दिया है।
विराट भले शांत रहते हों, लेकिन अन्याय के खिलाफ हमेशा खड़े होते हैं।
Pragyan Ojha बने मध्यस्थ BCCI ने प्रज्ञान ओझा को कोहली को मनाने भेजा। दोनों के बीच बातचीत भी हुई, क्योंकि बोर्ड नहीं चाहता कि टीम दो हिस्सों में बट जाए।
गंभीर और अगरकर को दी गई 5 गुप्त चेतावनियां
1️⃣ पुरानी राजनीति तुरंत खत्म
2️⃣ सभी सीनियर खिलाड़ियों पर सख्त अनुशासन
3️⃣ ब्रांड या फैन फॉलोइंग टीम कॉम्बिनेशन पर हावी नहीं होगी
4️⃣ मीटिंग का अंतिम फैसला कोच अकेले नहीं लेगा
5️⃣ युवा खिलाड़ियों को बड़े मैचों में मौका देना ही होगा
Virat vs Gambhir की पुरानी रंजिश फिर जाग उठी
2013 की घटनाएं, IPL झगड़े, मैदान पर हुए टकराव और बयानबाजी — सब दोबारा सामने आ रहे हैं।
गंभीर की पुरानी नाराज़गी अब टीम तक पहुंच चुकी है और यही BCCI के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
अब आगे क्या? बड़े सवाल क्या गौतम गंभीर कोच पद से हट सकते हैं?
क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली टेस्ट में वापसी करेंगे?
क्या युवा खिलाड़ी ज्यादा मौके पाएंगे?
और सबसे बड़ा सवाल —
क्या BCCI धोनी को किसी खास भूमिका में वापस लाने का प्लान एक्टिवेट कर चुका है?
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