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इन तीन निकम्मों को टीम से हटाओ! | India vs South Africa 2nd Test Report

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत टीम इंडिया के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। पहला टेस्ट हारते ही भारत 0–1 से पीछे हो चुका है और अब दूसरा टेस्ट “करो या मरो” जैसा बन गया है। अगर टीम इंडिया ये मैच हारती है, तो सीरीज में क्लीन स्वीप झेलना पड़ेगा और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का सपना भी धुंधला पड़ जाएगा।
ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि कौन से खिलाड़ी playing-11 से बाहर होने चाहिए और किन खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए ताकि टीम इंडिया सीरीज में वापसी कर सके। चलिए, आपको बताते हैं वे तीन खिलाड़ी जिनका बाहर होना ज़रूरी है।

1. अक्षर पटेल – न ऑलराउंडर का फायदा, न गेंदबाज का दम


पहले टेस्ट में अक्षर पटेल सिर्फ दो विकेट ले पाए।भारत उन्हें ऑलराउंडर मानकर खिलाता जरूर है, लेकिन सच्चाई यह है कि:
वे न प्रॉपर गेंदबाज की तरह विकेट निकाल पा रहे हैं,और न प्रॉपर बल्लेबाज की तरह मैच बचा पा रहे हैं।
टेस्ट क्रिकेट में “पौना-पौना” स्किल्स से काम नहीं चलता।पांच प्रॉपर बल्लेबाज और पांच प्रॉपर गेंदबाज — यही तरीका है टेस्ट मैच जीतने का।

अश्विन की रिटायरमेंट के बाद भारत को अब एक मजबूत स्पिनर चाहिए, लेकिन अक्षर ना बल्लेबाजी से मैच बचा रहे हैं, ना गेंदबाजी से जीत दिला रहे हैं। ऐसे में घरेलू क्रिकेट में कई बेहतर विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें मौका दिया जा सकता है

2. वाशिंगटन सुंदर – बिट्स एंड पीसेस क्रिकेटर टेस्ट में नहीं चलते


वाशिंगटन सुंदर भी उसी कैटेगरी में आ रहे हैं — थोड़ा बैट, थोड़ा बॉल।लेकिन टेस्ट क्रिकेट ऐसा फॉर्मेट नहीं है, जहां हर कोई थोड़ी-थोड़ी स्किल करके चल जाए।फर्स्ट टेस्ट में सुंदर जीरो विकेट ले पाए।अगर आपके स्पिनर विकेट ही न निकाल सकें, तो आप दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम को कैसे रोकेंगे?

गौतम गंभीर का “हर काम थोड़ा-थोड़ा करने वाले खिलाड़ी” वाला माइंडसेट टेस्ट क्रिकेट में फिट नहीं बैठता। यह टी20 नहीं है कि हर खिलाड़ी को ऑलराउंडर बना दिया जाए।भारत के पास कई युवा स्पिन विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें मौका मिलना चाहिए ताकि टीम संतुलित दिखे।

3. ध्रुव जुड़ेल – आखिर कितने विकेटकीपर खिलाओगे?


टीम इंडिया अभी तीन-तीन विकेटकीपर लेकर खेल रही है:

केएल राहुल
ध्रुव जुड़ेल
ऋषभ पंत

जब आपकी टीम में प्रॉपर बल्लेबाज ही कम हो जाएं, तो प्लेइंग-11 में इतने विकेटकीपर रखना किसी भी समझदारी का हिस्सा नहीं।

ध्रुव को मौका देकर कई अच्छे बल्लेबाजों का रास्ता रोक दिया गया —सरफराज खान, रुतुराज गायकवाड़, अभिमन्यु ईश्वरन जैसे खिलाड़ी लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन बाहर बैठे हैं।

टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर-ऑलराउंडर कॉम्बो से ज्यादा जरूरी है मजबूत बैटिंग लाइनअप।

तो फिर किन्हें खिलाना चाहिएभारत को दूसरे टेस्ट में मजबूत और स्पष्ट प्लान के साथ उतरना होगा:
एक प्रॉपर स्पिनर: कुलदीप यादव जैसा विकेट लेने वाला गेंदबाज
एक ही विकेटकीपर-बल्लेबाज
 कम से कम 5 सॉलिड बल्लेबाज
3-4 स्पेशलिस्ट गेंदबाज

अगर सही टीम उतरी, तो भारत सीरीज को 1–1 से बराबर करवाकर बचा सकता है।
वरना हार — और वो भी क्लीन स्वीप — लगभग तय है।

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